आयुर्वेदमतानुसारस्वास्थ्य[

समदोषःसमाग्निश्चसमधातुमलःक्रियाः।

प्रसन्नात्मेन्द्रियमनःस्वस्थइतिअभिधीयते॥ -- (सुश्रुतसंहितासूत्रस्थान१५/१०)

Meaning:

One is in perfect health when  the Three doshas ( vata, pitta and Kapha) Digestive fire ( digestion, assimilation and metabolism) all the body tissues & components (Dhatus) (the entire physical body) all the excretory functions  (the physiological functions of urination and defecation) are in perfect order with a  pleasantly disposed and contented mind, senses and spirit.

 

रोगकाकारण :

धीधृतिस्मृतिविभ्रष्ट: कर्मयत्कुरुत्ऽशुभम्।

प्रज्ञापराधंतंविद्यातंसर्वदोषप्रकोपणम्॥ (चरकसंहिताशरीर. 1/102)

अर्थात्धी (बुद्धि), धृति (धैर्य) औरस्मृति (स्मरणशक्ति) केभ्रष्टहोजानेपरमनुष्यजबअशुभकर्मकरताहैतबसभीशारीरिकऔरमानसिकदोषप्रकुपितहोजातेहैं।इनअशुभकर्मोंको 'प्रज्ञापराध' कहाजाताहै।जोप्रज्ञापराधकरेगाउसकेशरीरऔरस्वास्थ्यकीहानिहोगीऔरवहरोगग्रस्तहोहीजाएगा।

आरोग्यतथारोग :[सम्पादन]

धर्मार्थकाममोक्षाणाम्आरोग्यंमूलमुत्तमम्।

रोगास्तस्यापहर्तारःश्रेयसोजीवितस्यच॥ -चरकसंहितासूत्रस्थानम् - १.१४

धर्म, अर्थ, कामऔरमोक्षकामूल (जड़) उत्तमआरोग्यहीहै।अर्थात्इनचारोंकीप्राप्तिहमेंआरोग्यकेबिनानहींसम्भवहै।

शरीरमाद्यंखलुधर्मसाधनम्

अर्थात्धर्मकीसिद्धिमेंसर्वप्रथम, सर्वप्रमुखसाधन (स्वस्थ) शरीरहीहै।अर्थात्कुछभीकरनाहोतोस्वस्थशरीरपहलीआवश्यकताहै।

Health &Illness

Illness does not suddenly appear. There is a direct causal link between the factors that inuence us and the eects they produce. The cause is the concealed eect, and the effect is the revealed cause. The cause is like a seed, in which the as-yet-unmanifested tree is concealed. The tree is the expressed value of the seed. Health is the eect of a healthy lifestyle and healthy habits; disease is the “tree” sprouted from unhealthy habits. According to the Charaka Samhita, Both the patient and the patient’s environment need to be examined in order to arrive at an understanding of the disease and the causes of disease. It is important to know where the patient was born and raised, and the time of onset of the imbalance. It is also important to know the climate, customs, common local diseases, diet, habits, likes and dislikes, strength, mental condition, etc.

is enumeration opens the door to the wide variety of factors constantly inuencing our health. Let us consider some of them.

आयुर्वेदकीपरिभाषा

हिताहितंसुखंदुःखंआयुस्तस्यहिताहितम्।

मानंचतच्चयत्रोक्तंआयुर्वेदःसउच्यते॥ च.सू.३.४१॥

 

त्रिदोषसिद्धान्त

आयुर्वेदमें ‘त्रिदोषसिद्धान्त’कीविस्तृतव्याख्याहै; वात, पित्त, कफ-दोषोंकेशरीरमेंबढ़जानेयाप्रकुपितहोनेपरउनकोशांतकरनेकेउपायोंकाविशद्वर्णनहैं; आहारकेप्रत्येकद्रव्यकेगुण-दोषकासूक्ष्मविश्लेषणहै; ऋतुचर्या-दिनचर्या, आदिकेमाध्यममेंस्वास्थ्य-रक्षकउपायोंकासुन्दरविवेचनहैतथारोगोंसेबचनेवरोगोंकीचिरस्थायीचिकित्साकेलिएपथ्य-अपथ्यपालनकेलिएउचितमार्गदर्शनहै।आयुर्वेद मेंपरहेज-पालनकेमहत्वकोआजकलआधुनिकडाक्टरभीसमझनेलगगएहैंऔरआवश्यकपरहेज-पालनपरजोरदेनेलगगएहैं।लेखककादृढ़विश्वासहैकिसाधारणव्यक्तिकोदृष्टिगतरखतेहुएयहांदीजारहीसरलीकृतजानकारीसेउसेरोगसेरक्षा, रोगकेनिदानतथाउपचारमेंअवश्यसहायतामिलेगी।

 

त्रिदोषसिद्धान्त:

 

आयुर्वेदकीहमारेरोजमर्राकेजीवन, खान-पानतथारहन-सहनपरआजभीगहरीछापदिखाईदेतीहै।आयुर्वेदकीअद्भूतखोजहै - ‘त्रिदोषसिद्धान्त’जोकिएकपूर्णवैज्ञानिकसिद्धान्तहैऔरजिसकासहारालिएबिनाकोईभीचिकित्सापूर्णनहींहोसकती।इसकेद्वारारोगकाशीघ्रनिदानऔरउपचारकेअलावारोगीकीप्रकृतिकोसमझनेमेंभीसहायतामिलतीहै।

 

आयुर्वेदकामूलाधारहै- ‘त्रिदोषसिद्धान्त’औरयेतीनदोषहै- वात, पित्तऔरकफ।

त्रिदोषअर्थात्वात, पित्त, कफकीदोअवस्थाएंहोतीहै -

1. समावस्था (नकम, नअधिक, नप्रकुपित, यानिसंतुलित, स्वाभाविक, प्राकृत)

2. विषमावस्था (हीन, अति, प्रकुपित, यानिदुषित, बिगड़ीहुर्इ, असंतुलित, विकृत) ।

वास्तवमेंवात, पित्त, कफ, (समावस्था) मेंदोषनहींहैबल्किधातुएंहैजोशरीरकोधारणकरतीहैतभीयेदोषकहलातीहै।इसप्रकाररोगोंकाकारणवात, पित्त, कफकाअसंतुलनयादोषनहींहैबल्किधातुएंहैजोशरीरकोधारणकरतीहैऔरउसेस्वस्थरखतीहै।जबयहीधातुएंदूषितयाविषमहोकररोगपैदाकरतीहै, तभीयेदोषकहलातीहै।इसप्रकाररोगोंकाकारणवात, पित्त, कफकाअसंतुलनयादोषोंकीविषमतायाप्रकुपितहोना ‘रोगस्तुदोषवैषम्यम्’।अत: रोगहोजानेपरअस्वस्थशरीरकोपुन: स्वस्थबनानेकेलिएत्रिदोषकासंतुलनअथवासमावस्थामेंलानापड़ताहै।

जबशरीरमेंसदाविद्यमानयेवात, पित्त, कफतीनों, उचितआहार-विहारकेपरिणामस्वरूपशरीरमेंआवश्यकअंशमेंरहकर, समावस्थामेंरहतेहैंऔरशरीरकापरिचालन, संरक्षणतथासंवर्धनकरतेहैंतथाइनकेद्वाराशारीरिकक्रियाएंस्वाभाविकऔरनियमितरूपसेहोतीहैजिससेव्यक्तिस्वस्थ्यएवंदीघायुबनताहैतबआरोग्यताकीस्थितिरहतीहै।इसकेविपरीतस्वास्थ्यकेनियमोंकापालननकरने, अनुचितऔरविरूद्धआहार-विहारकरने, ऋतुचर्या-दिनचर्या, व्यायामआदिपरध्याननदेनेतथाविभिन्नप्रकारकेभोग-विलासऔरआधुनिकसुख-सुविधाओंमेंअपनेमनऔरइन्द्रियोंकोआसक्तकरदेनेकेपरिणामस्वरूपयेहीवात, पित्त, कफ, प्रकुपितहोकरजबविषमअवस्थामेंआजातेहैंजबअस्वस्थताकीस्थितिरहतीहै।वात, पित्त, प्रकुपतिहोकरजबविषयअवस्थामेंआजातेहैंतबअस्वस्थताकीस्थितिरहतीहै।प्रकुपितवात, पित्त, रसरक्तआदिधातुओंकोदूषितकरतेहै; यकृतफेफड़ेगुर्देआदिआशयों/अवयवोंकोविकृतकरतेहै; उनकीक्रियाओंकोअनियमितकरतेहैंऔरबुखार, दस्तआदिरोगोंकोजन्मदेतेहैंजोगम्भीरहोजानेपरजानलेवाभीहोसकतेहैं।अत: अच्छातोयहीहैकिरोगहोहीनही।इलाजसेबचावसदाहीउत्तमहै।

सारांशयहहैकि ‘त्रिदोष-सिद्धांत’केअनुसारशरीरमेंवात, पित्त, कफजबसंतुलितयासमअवस्थामेंहोतेहैंतबशरीरस्वस्थरहताहै।इसकेविपरीतजबयेप्रकुपितहोकरअसन्तुलितयाविषमहोजातेहैंतोअस्वस्थहोजाताहै।

रोगोंपरआरम्भसेध्याननदेनेसेयेप्राय: कष्टसाध्ययाअसाध्यहोजातेहैं।अत: साधारणव्यक्तिकेलिएसमझदारीइसीमेंहैकियहयथासंभवरोगसेबचनेकाप्रयत्नकरे, नकिरोगहोनेकेबादडॉक्टरकेपासइलाजकेलिएभागें।

अत: रोगसेबचनेऔरस्वस्थरहनेकेलिएप्रत्येकव्यक्तिकोआयुर्वेद-सम्मतऐसाआहार-विहारअपनानाचाहिएजिससेत्रिदोषकीविषमावस्थाअर्थात्वात-प्रकोप, पित-प्रकोपऔरकफ-प्रकोपसेबचाजासकेंऔरयदिगलतआहार-विहारकेकारणकिसीएकयाअधिकदोषकेप्रकुपितहोजानेसेकिसीरोगकीउत्पतिहोहीजाएतोपहलेयहजाननेकाप्रयासकरनाचाहिएकिरोगीमेंकिसीदोषकाप्रकोपहुआहै।रोगीकीप्रकृतिकौनसीहै? अर्थातवात (बादी) प्रकृतिहैयापित्त (गर्म) प्रकृतियकफ (ठंडी) प्रकृति? इसकेअतिरिक्तनिदानकरनेसमयरोगीकीआयु, मानसिकदशा, शारीरिकबल, रोगकीअवस्था, देश, ऋतुकाल, मानसिकआदिपरभीविचारकरलेनाचाहिए।रोगकीजड़सेसमाप्तकरनेकेलिएयास्थायीरूपसेदूरकरनेकेलिएयहआवश्यकहै।फिरजिसदोषकाप्रकोपहुआहैउसप्रकृतिवात, पित्त, कफदोषकेशमनकेलिएरोगीकीप्रकृतिकोशान्तकरनेवालेआहार-विहारकोअपनानाचाहिए।जैसेयदिकफ-प्रकोपजानपड़ेजोकफवर्धकआहारसेबचनाचाहिए, साथहीकफशामकआहार-विहारकोअपनानाचाहिए।

प्रकुपितदोषकीपहचानएवंशान्तिकेलिएआगेएकतालिकादीजारहीहै।इसकीसहायतासेएकसाधारणव्यक्तिभीआसानसेयहजानसकेगाकि 1. वात, पित्त, कफकेअलग-अलगगुणयास्वरूपक्याहैं? 2. इनकेप्रकोपकेलक्ष्णक्याहै? 3. प्रकुपितयाबढ़ेहुएदोषकोशान्तकरनेवालेआहार-विहारकौन-कौनसेहैंऔरउन्हेंबढ़ानेयाप्रकुपितकरनेवालेआहार-विहारकौन-कौनसेहैं?

Whoops! There was an error.
ErrorException (E_NOTICE)
ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) ErrorException thrown with message "ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0)" Stacktrace: #3 ErrorException in /home/aayushveda/public_html/vendor/symfony/http-foundation/Response.php:1201 #2 ob_end_flush in /home/aayushveda/public_html/vendor/symfony/http-foundation/Response.php:1201 #1 Symfony\Component\HttpFoundation\Response:closeOutputBuffers in /home/aayushveda/public_html/vendor/symfony/http-foundation/Response.php:364 #0 Symfony\Component\HttpFoundation\Response:send in /home/aayushveda/public_html/index.php:58
3
ErrorException
/
vendor
/
symfony
/
http-foundation
/
Response.php
1201
2
ob_end_flush
/
vendor
/
symfony
/
http-foundation
/
Response.php
1201
1
Symfony
\
Component
\
HttpFoundation
\
Response
closeOutputBuffers
/
vendor
/
symfony
/
http-foundation
/
Response.php
364
0
Symfony
\
Component
\
HttpFoundation
\
Response
send
/
index.php
58
/
home
/
aayushveda
/
public_html
/
vendor
/
symfony
/
http-foundation
/
Response.php
    {
        return in_array($this->statusCode, array(204, 304));
    }
 
    /**
     * Cleans or flushes output buffers up to target level.
     *
     * Resulting level can be greater than target level if a non-removable buffer has been encountered.
     *
     * @final
     */
    public static function closeOutputBuffers(int $targetLevel, bool $flush)
    {
        $status = ob_get_status(true);
        $level = count($status);
        $flags = PHP_OUTPUT_HANDLER_REMOVABLE | ($flush ? PHP_OUTPUT_HANDLER_FLUSHABLE : PHP_OUTPUT_HANDLER_CLEANABLE);
 
        while ($level-- > $targetLevel && ($s = $status[$level]) && (!isset($s['del']) ? !isset($s['flags']) || ($s['flags'] & $flags) === $flags : $s['del'])) {
            if ($flush) {
                ob_end_flush();
            } else {
                ob_end_clean();
            }
        }
    }
 
    /**
     * Checks if we need to remove Cache-Control for SSL encrypted downloads when using IE < 9.
     *
     * @see http://support.microsoft.com/kb/323308
     *
     * @final
     */
    protected function ensureIEOverSSLCompatibility(Request $request)
    {
        if (false !== stripos($this->headers->get('Content-Disposition'), 'attachment') && 1 == preg_match('/MSIE (.*?);/i', $request->server->get('HTTP_USER_AGENT'), $match) && true === $request->isSecure()) {
            if ((int) preg_replace('/(MSIE )(.*?);/', '$2', $match[0]) < 9) {
                $this->headers->remove('Cache-Control');
            }
        }
Arguments
  1. "ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0)"
    
/
home
/
aayushveda
/
public_html
/
vendor
/
symfony
/
http-foundation
/
Response.php
    {
        return in_array($this->statusCode, array(204, 304));
    }
 
    /**
     * Cleans or flushes output buffers up to target level.
     *
     * Resulting level can be greater than target level if a non-removable buffer has been encountered.
     *
     * @final
     */
    public static function closeOutputBuffers(int $targetLevel, bool $flush)
    {
        $status = ob_get_status(true);
        $level = count($status);
        $flags = PHP_OUTPUT_HANDLER_REMOVABLE | ($flush ? PHP_OUTPUT_HANDLER_FLUSHABLE : PHP_OUTPUT_HANDLER_CLEANABLE);
 
        while ($level-- > $targetLevel && ($s = $status[$level]) && (!isset($s['del']) ? !isset($s['flags']) || ($s['flags'] & $flags) === $flags : $s['del'])) {
            if ($flush) {
                ob_end_flush();
            } else {
                ob_end_clean();
            }
        }
    }
 
    /**
     * Checks if we need to remove Cache-Control for SSL encrypted downloads when using IE < 9.
     *
     * @see http://support.microsoft.com/kb/323308
     *
     * @final
     */
    protected function ensureIEOverSSLCompatibility(Request $request)
    {
        if (false !== stripos($this->headers->get('Content-Disposition'), 'attachment') && 1 == preg_match('/MSIE (.*?);/i', $request->server->get('HTTP_USER_AGENT'), $match) && true === $request->isSecure()) {
            if ((int) preg_replace('/(MSIE )(.*?);/', '$2', $match[0]) < 9) {
                $this->headers->remove('Cache-Control');
            }
        }
/
home
/
aayushveda
/
public_html
/
vendor
/
symfony
/
http-foundation
/
Response.php
    {
        echo $this->content;
 
        return $this;
    }
 
    /**
     * Sends HTTP headers and content.
     *
     * @return $this
     */
    public function send()
    {
        $this->sendHeaders();
        $this->sendContent();
 
        if (function_exists('fastcgi_finish_request')) {
            fastcgi_finish_request();
        } elseif (!\in_array(PHP_SAPI, array('cli', 'phpdbg'), true)) {
            static::closeOutputBuffers(0, true);
        }
 
        return $this;
    }
 
    /**
     * Sets the response content.
     *
     * Valid types are strings, numbers, null, and objects that implement a __toString() method.
     *
     * @param mixed $content Content that can be cast to string
     *
     * @return $this
     *
     * @throws \UnexpectedValueException
     */
    public function setContent($content)
    {
        if (null !== $content && !is_string($content) && !is_numeric($content) && !is_callable(array($content, '__toString'))) {
            throw new \UnexpectedValueException(sprintf('The Response content must be a string or object implementing __toString(), "%s" given.', gettype($content)));
Arguments
  1. 0
    
  2. true
    
/
home
/
aayushveda
/
public_html
/
index.php
 
/*
|--------------------------------------------------------------------------
| Run The Application
|--------------------------------------------------------------------------
|
| Once we have the application, we can handle the incoming request
| through the kernel, and send the associated response back to
| the client's browser allowing them to enjoy the creative
| and wonderful application we have prepared for them.
|
*/
 
$kernel = $app->make(Illuminate\Contracts\Http\Kernel::class);
 
$response = $kernel->handle(
    $request = Illuminate\Http\Request::capture()
);
 
$response->send();
 
$kernel->terminate($request, $response);
 

Environment & details:

empty
empty
empty
empty
empty
Key Value
CONTEXT_DOCUMENT_ROOT
"/home/aayushveda/public_html"
CONTEXT_PREFIX
""
DOCUMENT_ROOT
"/home/aayushveda/public_html"
GATEWAY_INTERFACE
"CGI/1.1"
HTTP_ACCEPT
"text/html,application/xhtml+xml,application/xml;q=0.9,*/*;q=0.8"
HTTP_ACCEPT_ENCODING
"gzip"
HTTP_ACCEPT_LANGUAGE
"en-US,en;q=0.5"
HTTP_CONNECTION
"Keep-Alive"
HTTP_HOST
"www.aayushveda.org"
HTTP_IF_MODIFIED_SINCE
"Thu, 21 Feb 2019 10:42:56 GMT"
HTTP_USER_AGENT
"CCBot/2.0 (https://commoncrawl.org/faq/)"
PATH
"/bin:/usr/bin"
QUERY_STRING
""
REDIRECT_STATUS
"200"
REDIRECT_URL
"/spages/aaushveda_sutra"
REMOTE_ADDR
"18.234.236.14"
REMOTE_PORT
"49006"
REQUEST_METHOD
"GET"
REQUEST_SCHEME
"http"
REQUEST_URI
"/spages/aaushveda_sutra"
SCRIPT_FILENAME
"/home/aayushveda/public_html/index.php"
SCRIPT_NAME
"/index.php"
SERVER_ADDR
"94.130.19.124"
SERVER_ADMIN
"webmaster@aayushveda.org"
SERVER_NAME
"www.aayushveda.org"
SERVER_PORT
"80"
SERVER_PROTOCOL
"HTTP/1.1"
SERVER_SIGNATURE
""
SERVER_SOFTWARE
"Apache"
TZ
"Asia/Kolkata"
PHP_SELF
"/index.php"
REQUEST_TIME_FLOAT
1556081144.7217
REQUEST_TIME
1556081144
argv
[]
argc
0
APP_NAME
"Laravel"
APP_ENV
"local"
APP_KEY
"base64:i9WcZ2Yz+ZTD8N4KmOOg9s2Vv7Be0MB10EJHvwTzkb8="
APP_DEBUG
"true"
APP_URL
"http://aayusveda.org"
LOG_CHANNEL
"stack"
DB_CONNECTION
"mysql"
DB_HOST
"localhost"
DB_PORT
"3306"
DB_DATABASE
"aayushve_data"
DB_USERNAME
"aayushve_new"
DB_PASSWORD
"06m6Rw2OILJE"
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"log"
CACHE_DRIVER
"file"
SESSION_DRIVER
"file"
SESSION_LIFETIME
"120"
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"database"
REDIS_HOST
"127.0.0.1"
REDIS_PASSWORD
"null"
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"6379"
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"smtp"
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"smtp.mailtrap.io"
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"2525"
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MAIL_PASSWORD
"5251b09e7f401a"
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"tls"
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""
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""
PUSHER_APP_SECRET
""
PUSHER_APP_CLUSTER
"mt1"
MIX_PUSHER_APP_KEY
""
MIX_PUSHER_APP_CLUSTER
"mt1"
GOOGLE_RECAPTCHA_KEY
""
GOOGLE_RECAPTCHA_SECRET
""
Key Value
APP_NAME
"Laravel"
APP_ENV
"local"
APP_KEY
"base64:i9WcZ2Yz+ZTD8N4KmOOg9s2Vv7Be0MB10EJHvwTzkb8="
APP_DEBUG
"true"
APP_URL
"http://aayusveda.org"
LOG_CHANNEL
"stack"
DB_CONNECTION
"mysql"
DB_HOST
"localhost"
DB_PORT
"3306"
DB_DATABASE
"aayushve_data"
DB_USERNAME
"aayushve_new"
DB_PASSWORD
"06m6Rw2OILJE"
BROADCAST_DRIVER
"log"
CACHE_DRIVER
"file"
SESSION_DRIVER
"file"
SESSION_LIFETIME
"120"
QUEUE_DRIVER
"database"
REDIS_HOST
"127.0.0.1"
REDIS_PASSWORD
"null"
REDIS_PORT
"6379"
MAIL_DRIVER
"smtp"
MAIL_HOST
"smtp.mailtrap.io"
MAIL_PORT
"2525"
MAIL_USERNAME
"5eedfc949e24c5"
MAIL_PASSWORD
"5251b09e7f401a"
MAIL_ENCRYPTION
"tls"
PUSHER_APP_ID
""
PUSHER_APP_KEY
""
PUSHER_APP_SECRET
""
PUSHER_APP_CLUSTER
"mt1"
MIX_PUSHER_APP_KEY
""
MIX_PUSHER_APP_CLUSTER
"mt1"
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""
GOOGLE_RECAPTCHA_SECRET
""
0. Whoops\Handler\PrettyPageHandler